किस्से कवि सम्मेलनों के – 10 टनाटन बारिश के बीच झमाझम कवि सम्मेलन मऊरानीपुर मेला जल विहार सन्1988 से मैं कवि सम्मेलनों के मंचों पर हूँ।1988से 2021तक की इस लम्बी समयावधि में न जाने कितने कवि सम्मेलन मैंने किए।एक से एक शानदार। लेकिन उनमें से कुछ की छाप मन मस्तिष्क […]

: बेटी की पुकार :- “कविता” “भोली – भाली, सीधी – साधी,तेरे अंग से लिपटी हूँ।अंश हूँ तेरी रूह का,माँ मै तेरी बेटी हूँ।। संसार बड़ा निर्देयी है माँ,कोमल काया मेरी हैं।डर लगता है लोगों से,दे ममता की छांव मुझे माँ।। आँख खुली जब अपने को,झाड़ी और कचरे में पाया।लहू […]

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