विश्व हिन्दी संस्थान कनाडा के सौजन्य से

विश्व हिन्दी संस्थान कनाडा
के सौजन्य से

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गत मास के अन्त में जालन्धर (पंजाब)से कनाडा आने का सबब बना- सब कुछ बिना किसी विशिष्ट योजना के! अजनबी देश में साहित्यिक गूँज सुनने की बेताबी जल्दी ही शान्त हो गई जब चार-पांच वर्ष पूर्व से परिचित हुए मित्रवर प्रो. सरण घई जी (संरक्षक व अध्यक्ष विश्व हिन्दी संस्थान कनाडा) से सम्पर्क बना और एक दिन तीन जनवरी 2023 को साऊथ ब्रैम्पटन में उनके यहां कवि-लेखक मित्रों के बीच हमारी उपस्थिति का अवसर बन गया। सच में, उनकी मेहमान-नवाजी देखते ही बनी। स्नेह-प्यार से आवभगत करना कोई उनसे ही सीखे। खूबसूरत, सलीकेदार व्यवस्थित निवास में उन्होंने अपने 15-20 लेखक मित्रों को दोपहर का भोजन करवाया और फिर पारस्परिक परिचय के पश्चात् तनिक औपचारिकताओं के चलते कविताओं का दौर प्रारम्भ हुआ। लगभग चार घण्टे लगातार चली इस साहित्यिक गोष्ठी में विभिन्न राग-रंगों का काव्यपाठ हुआ जिसने पूरे माहौल को आनन्दमयी बना दिया। कनाडा की चर्चित कवयित्रियों में मीना चोपड़ा, मीता खन्ना, सविता अग्रवाल, सरोजिनी जौहर तथा पंजाबी की कवयित्री व सम्पादक सोनिया मनजिन्दर (नक्श)तथा सन्तोष वैद्य, रीटा घई, सन्दीपिका सपरा, विन विराट, रावी हांडा, अंकिता तथा अभिनव घई इत्यादि ने अपनी अपनी समुचित गम्भीर रचनाओं को प्रस्तुत किया। सर्वश्री संजीव अग्रवाल, प्रभदयाल खन्ना तथा गुरुदत्त वैद्य की उपस्थिति-प्रस्तुति ने भी गोष्ठी को रागमयी बना दिया। मित्र व सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. सरन घई जी के बाद मुझे दो-चार कविताओं को सुनाने का अवसर प्राप्त हुआ। अन्त में सभी लेखक मित्रों ने घई दम्पति की आभार प्रस्तुति कर चायपान के बाद आलविदा ली। गोष्ठी में छिटपुट अवसरों को आरव द्वारा छायाचित्रों में समेटा गया जो अवलोकनार्थ प्रस्तुत हैं-

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