हाय पैसा-हाय पैसा के चक्कर में पटरी से उतार दी नौतनवा- सोनौली मार्ग की यातायात व्यवस्था

फोटो- नौतनवा से कुनसेरवा के बीच सुबह 9 बजे की तस्वीर।

(धर्मेंद्र चौधरी)

करीब चार वर्ष पूर्व नेपाल के मधेशी आंदोलन ने गोरखपुर-सोनौली
राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर जो वाहनों की लंबी कतार का अंडरवर्ल्ड तैयार किया था। वह अंडरवर्ल्ड फिर वापसी पर है। जिसमें काली कमाई या फिर हराम की कमाई भी कह सकते हैं, का जरिया जो खोल दिया है। जिसमें तमाम नौकर शाह व बेरोजगार नव युवक पिल पड़े हैं। यातायात नियमों को ताक पर रख एक खेल खेला जा रहा है। पैसे का खेल! हाय-पैसा-हाय पैसा के चक्कर में सोनौली से नौतनवा तक के मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई है। करीब दस किलोमीटर लंबी कतार लगने से मालवाहक ट्रकों को कतार से आगे निकालने का खेल शुरू हो गया है। पीछे कतार में खड़ी ट्रकों से रकम लेकर उन्हें खड़ी ट्रकों से ओवर टेक कर आगे कर दिया जा रखा है। इस खेल में सोनौली व् नौतनवा के दर्जनों दलाल शामिल हैं। गौर करने वाली बात यह पुलिस हर चौक चौराहों पर पिकेट लगाकर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे कर रही है। बावजूद इसके ट्रकों को कतार से आगे निकालने का खेल जारी है। यह खेल नौतनवा के छपवा में स्थित टोल प्लाजा से शुरू होता है। जहां दलाल ट्रक को आगे करने का मोलभाव करते हैं। फिर छपवा चौकी , बनैलिया मंदिर चौराहा , कुन्सेरवा चौराहा व् कोतवाली गेट के आगे मौजूद चौराहे तक को पार कराने का जिम्मा लिया जाता है। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात

पुलिस कर्मियों से सेटिंग कर दलाल ट्रकों को सोनौली बार्डर तक पहुंचा दे रहे हैं। क्षेत्र में यह खेल ट्रकों की कटिंग के नाम से प्रसिद्ध है।
कोरोना के मद्देनजर हुए लाकडाउन के खुलने के बाद स्थितियां मधेशी आंदोलन के तरह ही बनती नजर आ रही हैं। मार्ग पर मालवाहक ट्रकों की दोहरी तिहरी कतारें व् कटिंग का खेल फिर जारी हो गया है।

मंगलवार की शाम सोनौली पुलिस ने कुन्सेरवा चौराहे से तीन कटिंग के दलालों को पकड़ लिया। बुधवार को एडीजी दावा शेरपा सीमाक्षेत्र के दौरे पर आए तो दिखाने ने पुलिस ने बेतरतीब ट्रकों को कड़ाई से किनारे करवाया। लेकिन बृहस्पतिवार को फिर मार्ग की रंगत कुरूप हो गई। कटिंग व जाम झाम शुरू हो गया। नौतनवा से कुनसेरवा तक कई जगह जाम लगे। मजेदार बात यह है कि पुलिस कतारों से उभरी यातायात अव्यवस्था का ठीकरा कस्टम विभाग पर थोपती है। वहीं कस्टम विभाग यह कहता है कि यह सामान्य व् औसत गति से ट्रकों को नेपाल में प्रवेश दे रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब यातायात व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा पुलिस महकमे का है, तो दूसरे विभाग पर दोषारोपण क्यों?
पुलिस क्षेत्राधिकारी नौतनवा अजय सिंह चौहान का कहना है कि बार्डर पर मालवाहक ट्रक धीमे रफ्तार से नेपाल जा रहे हैं। मार्ग पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। वाहनों को कतार से बाहर निकालने वाले ट्रक चालकों पर कार्रवाई की जा रही है।

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