नेपाली व्यक्ति से वर्दीधारियों द्वारा की गई 2.17 लाख रुपये के कथित लूट की क्या है हकीकत ?

सौनौली/महराजगंज:

सौनौली कोतवाली क्षेत्र के सुकरौली उर्फ अरघा-नौतनवा मार्ग के झरनी पुल के पास वर्दी पहने लोगों द्वारा एक नेपाली नागरिक से कथित लूट का मामला जांच का विषय बना हुआ है। हालांकि अब तक की गई जांच में सौनौली इंस्पेक्टर धनंजय सिंह को मामला फर्जी प्रतीत हो रहा है। उनका कहना है कि पीड़ित ने कोई तहरीर नहीं दी है। उसने मौखिक ही बताया था कि उसके दो लाख 17 हजार नेपाली रुपये को खाकी वर्दीधारी व एक सादे वर्दी में आए लोगों ने ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल स्थल वाले मार्ग के एक स्थान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की पडताल किया तो नेपाली नागरिक द्वारा बताए गए सफेद आपाची मोटरसाइकिल की कोई क्लिप सीसीटीवी में नहीं कैद है। पुलिस मामले को फर्जी बता रही है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित राजेश यादव पुत्र रामराज यादव निवासी गांव मर्चवारी जिला रुपनदेही की माने 3 फरवरी की शाम वह कोल्हुई बाजार भूसा मशीन खरीदने का पैसा देने निकला। शाम करीब पांच बजे वह अरघा गांव को पार कर नौतनवा पहुंचने ही वाला था कि सुनसान मार्ग पर एक बिना नंबर प्लेट की सफेद अपाचे मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने उसे रोक लिया। दो खाकी वर्दी पहने थे और एक सादे ड्रेस में था। तलाशी लेकर उसके पास मौजूद 2.17 लाख नेपाली रुपया के लिए और नौतनवा कस्टम कार्यालय बुलाया। पीड़ित के मुताबिक वह कस्टम कार्यालय गया। लेकिन वहां के लोग कह रहे हैं कि उनके विभाग का कोई भी नहीं था। फिर पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा।

मामले में उठने वाले अहम सवाल:

हालांकि सौनौली पुलिस मामले को फर्जी बता रही है। लेकिन घटना में थोड़ी भी सच्चाई मानी जाए तो कई अहम व पेंचीदा सवाल उठ रहे हैं। वह यह कि-
1-कथित लुटेरों को कैसे पता था कि नेपाली नागरिक के पास लाखों की रकम है।
2-कोल्हुई के दुकान पर लाखों रुपये नेपाली रकम ले जाने का क्या औचित्य था?
3- नेपाली नागरिक द्वारा दिन ढलने के बाद नेपाली रकम लेकर अकेले ही कोल्हुई जाने की ठानना, क्यों?
6-सीसीटीवी कैमरे में क्यों नजर नहीं आए कथित लुटेरे?
7- या फिर मामला है कुछ और, दिखाने की कोशिश कुछ और है?
8- सबसे अहम सवाल क्या सचमुच यह लूट वर्दीवालों ने की है?जिस पर पर्दा डाला जा रहा है।

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