क्यों भारत से बिछड़ता जा रहा नेपाल?

वर्ष 2016 के बाद भारत-नेपाल रिश्तों में कई उतार चढ़ाव आए हैं। जिसका प्रमुखता से आगाज भूकंप आपदा के बाद शुरू हुआ। भले ही भारत ने उस समय मदद का पिटारा खोला। लेकिन उस मदद को धता बताते हुए नेपाल के पहाड़ों में भारत विरोधी मनोवृति फैलाए जाने का प्रयास जारी रहा। कोरोना जैसी आपदा में भी भारत विरोधी तत्व तेजी से सक्रिय हैं। जिनका प्रसार दोनों देशों की शोसल से मुख्यधारा की मीडिया में तेजी से प्रवाहित हो रहा है।
जिस पर लगाम लगाने की जरूरत है। लेकिन दुःखद पहलू यह है कि दोनों देशों के राजनैयिक प्रयास खोखले हैं। जो कि उपज रहे रार को और गहरा कर रहे हैं। यहां बड़ी गलती भारत की भी मानी जा सकती है। एक बड़े भाई के तौर पर भारत की नेपाल के प्रति विदेश नीति निरंतर गिरावट पर है। गंभीर मनन का विषय यह है कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है या फिर जाने अंजाने में हो जा रहा है।
आज नेपाल सीमा विवाद को लेकर मुहं फुलाए नजर आ रहा है। इसी बीच चीन की करवट भी सीमा विवाद की ओर है। कई दशक पुराने विवाद अचानक तेजी से अस्तित्व में आ रहे हैं। यह एक बड़ा इशारा है। जिसे भारत को गंभीरता से समझना व मनन करना पड़ेगा। इस समस्या का निराकरण का सूत्र वर्ष 1816 में हुई ब्रिटिश-नेपाल सुगौली संधि से 1950 भारत-नेपाल मैत्रीपूर्ण समझौता के बीच छुपा हो सकता है। घटनात्मक कड़ियों पर नजर डालें तो नेपाल में राजपरिवार की हत्या, माओवादी व मधेश आंदोलन के उदय व नेपाल का राजतंत्र से लोकतंत्र में परिवर्तन तक में कई अहम बातें छुपी हो सकती हैं। जिसमे भारत-नेपाल की प्रगाढ़ता बनाम रारता के कारण विद्यमान हैं।
उन कारणों के चिन्हीकरण की जरूरत है।
नेपाल में पहाड़ी-बनाम मधेशी गृह युद्ध को भारत पर कूटनीतिक रूप से थोपा जा रहा है। इस पर भी भारत को विशेष ध्यान देना होगा। कि किसी प्रकार की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष थोपता से वह अलग रहे। बीते दिनों नेपाल ने भारत पर आर्थिक नाकाबंदी जैसा आरोप लगा लगा कर संयुक्त राष्ट्र संघ में भी अपना विरोध दर्ज करा चुका है। अब सीमा विवाद को लेकर विरोधी राग है। नेपाल का यह राग पाकिस्तान को भा रहा है। चीन की साम्राज्यवादी सोंच भी नेपाल के भारत विरोधी स्वर पर मंद-मंद मुस्कान पर है। इस बड़े वैश्विक राजनीतिक आयाम पर भी भारत को एक विस्तृत नीति बनानी होगी। भूकंप काल से कोरोना तक नेपाल भारत से बिछड़ता जा रहा है। रोटी-बेटी का रिश्ता कमजोर हो रहा है। नेपाल सेना के जवानों ने भारतीय नागरिकों पर गोली चला दी। स्थितियां यह तक आ जा रही है। स्थितियां बिगड़ाव की ओर हैं।

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